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By: पूनम शंकर, The Mobile Indian, New DelhiLast updated : November 29, 2018 6:06 pm

वॉट्सएप में यूजर्स के भेजे गए मैसेज्स को बदल सकते हैं हैकर्स, जानें कैसे

अगर आप किसी को वॉट्सएप में मैसेज भेज रहे हैं और ऐसा हो कि आप भेजें कुछ लेकिन उन्हें रिसीव कुछ हो जाए तो शायद इसपर भरोसा न हो। मगर एक रिपोर्ट के अनुसार ये बात सामने आई है कि वॉट्सएप शायद उतना सुरक्षित नहीं है जितना कि इसे समझा जाता है। जैसा कि सभी जानते हैं कि वॉट्सएप चैट्स व कॉल्स एंड-टू-एंड एनक्रिप्टिड होते हैं जिसका मतलब है कि इन्हें किसी थर्ड पार्टी एप या खुद वॉट्सएप आदि द्वारा भी रीड नहीं किया जा सकता है। मगर ये नई रिसर्च कहती है कि ऐसा नहीं है क्योंकि हैकर्स सीधा यूजर के मैसेज्स को ही तोड़-मरोड़कर अपना सीधा निशाना बना सकते हैं।

 

एक इजरायली साइबर सिक्योरिटी रिसर्च फर्म चैक पॉइंट रिसर्च के अनुसार वॉट्सएप की सुरक्षा में भी हैकर्स आसानी से सेंध लगा सकते हैं। चैकपॉइंट का कहना है कि वॉट्सएप का एक हैक्ड वर्जन बनाकर अटैकर्स उसके माध्यम से quoting फीचर को दरअसल बदल देते हैं जिसमें कि ऑरिजनल मैसेज भी बदल जाता है। आपको बता दें कि quoting फीचर वो होता है जिसमें हम किसी के एक खास मैसेज का रिप्लाय उसको दर्शाकर ही करते हैं, जिसे आप नीचे दी गई तस्वीर में देख सकते हैं।

 whatsapp-message-quote

 

इससे दरअसल quoting मैसेज को बदलकर व्यक्ति को भेजा जा सकता है जोकि असल में उन्होंने भेजा ही नहीं। आप नीचे दिए गए वीडियो में इसे और भी आसानी से समझ सकते हैं। बता दें कि ये वीडियो चैकपॉइंट द्वारा ही जारी किया गया है।

 

 

न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार वॉट्सएप का कहना है कि ये कोई समस्या नहीं है और वे इसे ठीक भी नहीं कर सकते। मगर वॉट्सएप का कहना है कि वो नकली वॉट्सएप एप को ढूंढने और हटाने के लिए काम कर रही है। बता दें कि वॉट्सएप ने बीते दिन ही फॉरवर्ड मैसेज की लिमिट को भारत में सभी यूजर्स के लिए जारी कर दिया है। यानी अब से यूजर्स किसी भी मैसेज को एक समय में केवल पांच व्यक्तियों को ही फॉरवर्ड कर पाएंगे। केवल इतना ही नहीं कंपनी ने वॉट्सएप में मैसेज के आगे दिखने वाले क्विक फॉरवर्ड बटन को भी हटा दिया है। 

 

हाल ही में फेक न्यूज व अफवाहों के दुष्प्रचार और उनसे होने वाली घटनाओं को ध्यान में रखते हुए डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) ने चिंताजनक स्थिति के समय सोशल मीडिया एप्स जैसे फेसबुक, वॉट्सएप, टेलीग्राम व इंस्टाग्राम जैसी एप्स को ब्लॉक किए जाने पर विचार कर रही है, जिससे कि फेक न्यूज या अफवाहों के कारण होने वाली परिस्थितियों से बचाव किया जा सके।

 

इसके तहत ही DoT द्वारा सैल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (COAI) व इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISPAI) को एक लैटर भेजा गया है जिसमें कहा गया है कि ''वे इंस्टाग्राम, फेसबुक, वॉट्सएप, टेलीग्राम जैसी अन्य मोबाइल एप्स को इंटरनेट पर ब्लॉक किए जाने के तरीकों पर विचार करें।'' DoT के लैटर के अनुसार इंस्टाग्राम, फेसबुक, वॉट्सएप, टेलीग्राम आदि मोबाइल एप्स के ब्लॉक किए जाने की समस्या को उठाया गया है कि वे आईटी एक्ट के सेक्शन 69A के अनुरुप होनी चाहिए।"

 

पको बता दें कि आईटी एक्ट सेक्शन 69A के तहत ''किसी भी कंप्यूटर रिसोर्स के माध्यम से किसी भी प्रकार की इंफॉर्मेशन पर पब्लिक एक्सेस को ब्लॉक करने का आदेश दिया जाता है।'' जिसका सीधा कारण किसी फेक न्यूज या किसी ऐसी अफवाह जोकि गड़बड़ी की स्थिति देशभर में पैदा कर सकती है, उसके प्रचार को रोकना होता है।

 

 

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Tags: वॉट्सएप वॉट्सएप मैसेजिंग वॉट्सएप फीचर्स

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